अंगदान पोर्टल से नई उम्मीद, एक संकल्प बचाएगा आठ जीवन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' ने केवल उत्सव का रूप नहीं लिया, बल्कि मानवता की सेवा का नया अध्याय भी लिखा है। इस मौके पर दिल्ली में लॉन्च किया गया ऑनलाइन अंगदान पोर्टल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। अंगदान की कमी से जूझ रहे हजारों मरीजों के लिए यह पोर्टल किसी जीवनदान से कम नहीं है।
अंगदान का महत्व: 'महादान' ही जीवन का आधार
भारत में अंगदान की दर वैश्विक स्तर पर अभी भी काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, हर साल लाखों लोग केवल इसलिए दम तोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें समय पर किडनी, लिवर या हृदय जैसे अंग नहीं मिल पाते।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- एक व्यक्ति अंगदान के माध्यम से 8 लोगों की जान बचा सकता है।
- ऊतक दान (Tissue Donation) से 50 से अधिक लोगों के जीवन में सुधार लाया जा सकता है।
- यह पोर्टल इसी अंतर को पाटने और "मृत्यु के बाद भी जीवन" के संदेश को घर-घर पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
ऑनलाइन पोर्टल से लोगों को होने वाले लाभ
इस डिजिटल पहल से अंगदान की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक बाधाएं दूर होंगी:
- पंजीकरण की सुगमता: अब किसी को भी शपथ लेने के लिए अस्पतालों या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। लोग घर बैठे मोबाइल से पंजीकरण कर सकते हैं।
- भ्रांतियों का अंत: पोर्टल पर अंगदान से जुड़ी सटीक जानकारी उपलब्ध हैं, जिससे समाज में व्याप्त अंधविश्वास और डर को कम करने में मदद मिलेगी।
- पारदर्शी वेटिंग लिस्ट: पोर्टल के माध्यम से अंगों की उपलब्धता और जरूरतमंदों की सूची को डिजिटल रूप से मैनेज किया जाएगा, जिससे आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
- तत्काल 'प्लेज कार्ड': पंजीकरण करते ही डिजिटल सर्टिफिकेट और डोनर कार्ड मिल जाएगा, जिसे परिवार के साथ साझा करना आसान होगा, ताकि समय आने पर परिवार आपकी इच्छा का सम्मान कर सके।
सोटो की भूमिका और भविष्य की राह
इस पोर्टल के साथ SOTTO (State Organ and Tissue Transplant Organisation) का तालमेल दिल्ली के अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण (Transplant) की गति को तेज करेगा। ग्रीन कॉरिडोर बनाने से लेकर अंगों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक तेजी से पहुंचाने में यह पोर्टल बैकबोन का काम करेगा। सेवा पखवाड़ा' के तहत शुरू की गई यह पहल राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र सेवा का प्रतिबिंब है। जहां रक्तदान को जीवनदान माना जाता है, वहीं अंगदान को 'अंतिम उपहार' (The Ultimate Gift) कहा गया है।

